रोका जा सकता है वेतन
Posted on: Thursday 04 June 2015  

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच की जंग और गहरी होती जा रही है। दिल्ली ऐंटी-करप्शन ब्रांच (एसीबी) को लेकर चल रही रार में अब एक नया मोड़ आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि एसीबी में दूसरे राज्यों के अधिकारियों की नियुक्ति को तब तक वैध नहीं माना जा सकता है जब तक कि इसको उपराज्यपाल की मंजूरी न मिल जाए। गृह मंत्रालय के मुताबिक एसीबी में अन्य राज्यों से आए अधिकारियों का वेतन रोका जा सकता है। इनमें वह अधिकारी शामिल हैं जिनकी नियुक्ति पर उपराज्यपाल ने सहमति नहीं जताई है।गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार अगर एलजी ने स्वीकृति नहीं दी है, तो अधिकारियों के नियुक्ति `अवैध` हैं। अगर सर्विस नियमों को नहीं पालन नहीं किया गया है तो केंद्र सरकार अधिकारियों का वेतन रोक सकती है। गौरतलब है कि दिल्ली के अधिकारियों को सैलरी देने का अधिकार केंद्र के गृहमंत्रालय के पास है। गृह मंत्रालय पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि दिल्ली एसीबी में उसकी सहमति के बिना कोई भी नियुक्ति नहीं होगी।गृह मंत्रालय के अनुसार सीआरपीसी के तहत एसीबी एक पुलिस स्टेशन है और दिल्ली पुलिस एलजी के अधिकारों के अंदर आती है। इसी वजह से एसीबी में अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर दिल्ली की आप सरकार और एलजी के बीच विवाद चल रहा है।


 
 












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