PAK सीनेट ने पास किया हिंदू मैरिज बिल
Posted on: Saturday 18 February 2017  

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की सीनेट (अपर हाउस) ने कई दिनों से लंबित हिंदू मैरिज बिल शनिवार को पास हो गया। प्रेसिडेंट के दस्तखत के  बाद ये बाकायदा लागू हो जाएगा। इसके साथ ही देश के हिंदुओं को पहला पर्सनल लॉ मिलेगा। बिल के तहत पाक में रह रहे माइनॉरिटी समुदाय के हिंदुओं की शादियों को रेग्युलेट किया जा सकेगा।  हिंदू मैरिज बिल-2017 को 17 जनवरी को सीनेट में लाया गया था। इसे हिंदू कम्युनिटीज पर्सनल लॉ नाम दिया गया था।26 सितंबर, 2015 को लोअर हाउस यानी नेशनल असेंबली पहले ही पास कर चुकी है।


बिल को अब कानून बनने के लिए महज एक औपचारिकता बाकी रह गई है। इसे साइन होने के लिए प्रेसिडेंट के पास भेजा जाएगा। इसके बाद बिल, कानून बन जाएगा।  `डॉन` की खबर के मुताबिक, बिल में पाक में रहने वाले हिंदुओं को मान्यता दी गई है क्योंकि इसमें उनकी शादी, उसके रजिस्ट्रेशन और उम्र की बात कही गई है। बता दें कि हिंदू मैरिज बिल में लड़के और लड़कियों दोनों के लिए शादी की मिनिमम एज 18 साल रखी गई है। बिल के मुताबिक, हिंदू लड़कियों को शादी का अब बाकायदा प्रूफ मिल सकेगा।
पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए पहला कानून होगा प्रेसिडेंट के साइन होने के बाद हिंदू मैरिज बिल, पाक के हिंदुओं के लिए पहला पर्सनल लॉ होगा। ये पंजाब, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रॉविंस पर लागू होगा।  सिंध प्रॉविंस ने पहले ही अपना हिंदू मैरिज लॉ बना रखा है।  बिल को सीनेट में लॉ मिनिस्टर जाहिद हमीद ने पेश किया।  सीनेट की ह्यूमन राइट्स पर बनी फंक्शनल कमेटी ने 2 जनवरी को ही बिल को बहुमत से पास कर दिया था। `हिंदुओं के लिए पर्सनल लॉ नहीं बना सकते` जमीयत-ए-इस्लाम-फज्ल के सीनेटर मुफ्ती अब्दुल सत्तार ने ये कहते हुए विरोध किया कि ऐसा करने के लिए संविधान में बड़ा बदलाव करने जरूरत होती।


मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) की सीनेटर नसरीन जलील ने कहा, "ये पूरी तरह से गलत है। ये न केवल इस्लाम के सिद्धांतो के खिलाफ है बल्कि ये ह्यूमन राइट्स का भी वॉयलेशन करता है।" नसरीन ये भी कहती हैं, "हम पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के लिए कोई पर्सनल लॉ नहीं बना सकते।" अभी तक हिंदू लड़कियों को होती थी मुश्किल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के सांसद रमेश कुमार वंकवानी के मुताबिक, "नया कानून जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाएगा और हिंदुओं की शादियों को नाम मिल जाएगा।" रमेश काफी सालों से पाक में हिंदू मैरिज लॉ के बनने को लेकर काम कर रहे हैं। वे ये भी कहते हैं, "अभी तक पाक में हिंदू लड़कियों को खुद को शादीशुदा साबित करने में मुश्किल जाती थी। अब इस कानून के बनने के बाद हमारी शादी प्रथा मुस्लिमों के निकाहनामा की तरह रजिस्टर्ड हो सकेगी।"

 
 












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