(उनवर चौहान) नई दिल्ली। जैसी करनी वैसी भरनी ना माने तो करके देख। मुझे खूब याद है कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तो जो  काम भाजपा कर रही है वही कांग्रेस भी कर रही है। कांग्रेस के सत्ता में थी तो पूरे  अधिवेशन में भाजपा ने गदर काटा और संसद नहीं चलने दी। आज भाजपा को भी वही सबकुछ झेलना पड़ रहा है। कल सुषमा स्वराज ने कहा था कि उनके तरकश में इतनी तीर हैं दागे तो कांग्रेस को मुंह दिखाने के लिए जगह नहीं होगी। संसद की  मानसून सत्र के तीसरे दिन भी संसद की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई। लोकसभा में स्पीकर सुमित्रा महाजन ने विपक्ष के प्रश्नकाल स्थगित करने के नोटिस को खारिज कर दिया। इस बीच, भाजपा सांसद अर्जुन मेघवाल ने रॉबर्ट वाड्रा का मुद्दा उठाया। उन्होंने वाड्रा द्वारा फेसबुक पर लिखे पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे संसद का अपमान बताया। उन्होंने वाड्रा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया। जिसे महाजन ने विशेषाधिकार समिति को भेज दिया। गौरतलब है कि कल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा था, ‘संसद (का सत्र) शुरू और उनकी ओछी ध्यान भटकाने वाली राजनीतिक चालें भी (शुरू)।’ उन्होंने कहा कि भारत की जनता बेवकूफ नहीं है। यह देखना पछतावे से भरा है कि भारत का नेतृत्व ऐसे तथाकथित नेता कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी सांसद भी व्यापम और ललितगेट को लेकर हंगामा करने लगे। स्पीकर ने सांसदों को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक स्थगित कर दी। फिर से लोकसभा की कार्यवाही शुरू हाेने के बाद भाजपा और कांग्रेस सांसदों के बीच पोस्टर वार शुरू हो गया। दोनों दलों के सांसद एक-दूसरे को पोस्टर दिखा रहे थे। भाजपा सांसद हाथ में तख्ती लिए थे जिस पर लिखा था, `उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, सरकारी जमीन दामाद को बांटे।` हंगामा न थमता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष का विरोध कैमरे पर नहीं दिखाया जाता। ये उनका तरीका है काम करने का। वहीं लोकसभा में आज भी काली पट्टी लगाकर पहुंचे राहुल गांधी ने सुषमा के इस्तीफे के सवाल पर कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज नहीं सुनना चाहती है। ये मोदी स्टाइल है काम करने का। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज ने मंत्री रहते हुए आपराधिक कृत्य किया है, भगोड़े की मदद की है। इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। राहुल ने कहा कि मोदी देश के पीएम हैं, न कि भाजपा के। वह देश को आश्वस्त करें कि वे `न खाऊंगा, न खाने दूंगा` के अपने बयान पर कायम हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि व्यापम इतना बड़ा घोटाला है, इसमें अब तक 40 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। उस बारे में पीएम कुछ नहीं बोलते। मैं तो चाह रहा हूं कि वो बोलें। लेकिन जितना देर वे नहीं बोलेंगे वो मेरे लिए अच्छा है। दूसरी ओर, राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। उच्च सदन में भी वे सुषमा स्वराज व अन्य का इस्तीफा मांग रहे थे। उपसभापति ने विपक्षी सांसदों से कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया लेकिन वे नहीं माने और अंतत: उपसभापति को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोबारा सदन की कार्यवाही जब शुरू हुई तब भी विपक्षी सांसदों ने हंगामा जारी रखा और सदन पहले दो बजे तक फिर कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद में गतिरोध दूर करने के लिए अरुण जेटली व मुख्तार अब्बास नकवी ने सांसदों की बैठक बुलाई जिसमें विपक्षी सांसदों ने जाने से इन्कार कर दिया।