राजन खिलाफ दर्ज 76 मुकदमों की जांच सबीआई करेगी
Posted on: Friday 06 November 2015  

नई दिल्‍ली: इंडोनेशिया के बाली से गिरफ़्तार अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को सीबीआई-इंटरपोल उसे दिल्ली ले आई है।  पालम एयरपोर्ट पर उतरते ही राजन ने सबसे पहले भारतीय धरती को चूमा।  कड़ी सुरक्षा के बीच फिलहाल वो सीबीआई-इंटरपोल की हिरासत में रहेगा। मुंबई पुलिस ने  राजन के खिलाफ दर्ज 76 मामलोंकी जांच सीबीआई ही करेगी। जिसमें महाष्ट्र में 70 माले दर्ज  इनमें हत्या के 20 मामले, आतंकवाद और विध्वंसक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत चार मामले और मकोका कानून के तहत 20 मामले शामिल हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ छह मामले दर्ज कर रखे हैं। एक संक्षिप्त बयान में सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा कि `वह सीबीआई-इंटरपोल की हिरासत में है। कानूनी औपचारिकताएं चल रही हैं।` उधर, एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा कारणों के चलते राजन को दिल्ली की अदालत में ले जाए जाने की संभावना नहीं है। इसके बजाय उसकी रिमांड के लिए एक मजिस्ट्रेट को सीबीआई मुख्यालय लाया जाएगा। सूत्रों ने यह भी कहा कि उसकी अनिवार्य चिकित्सा जांच भी की जाएगी।
राजन को 25 स्‍वात कमांडों की कड़ी निगरानी में सुबह 6 बजे सीबीआई मुख्‍यालय लाया गया। एयरपोर्ट से सीबीआई मुख्यालय ले जाते वक़्त छोटा राजन को बुलेटप्रूफ़ एंबेसडर कार में बिठाया गया था। साथ में सीबीआई और दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे। सीबीआई मुख्‍यालय के अंदर, बाहर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बेहद कड़ी रखी गई है। रास्‍तों में कई जगह बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा बलों की तैनाती गई है।
राजन को एयरपोर्ट से सीबीआई मुख्‍यालय तक लाने में कितनी एहतियात बरती गई, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे लाने के लिए दो प्‍लान तैयार किए गए। प्‍लान ए और प्‍लान बी। प्‍लान ए के तहत एयरपोर्ट के मेन गेट से बुलेटप्रूफ कार एक डमी काफिले के साथ निकली और लोधी कालोनी स्थित स्‍पेशल सेल के दफ्तर पहुंची। वहीं, दूसरा `असली काफिला` उसे लेकर सीबीआई दफ्तर पहुंचा।
इससे पहले एक अधिकारी ने बताया था कि 55 वर्षीय राजन को लेकर विशेष विमान ने नगुरा राय अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से गुरुवार स्थानीय समयानुसार रात करीब सवा दस बजे (भारतीय समयानुसार शाम पौने आठ बजे) उड़ान भरी। वहीं, इंडोनेशिया में भारत के राजदूत गुरजीत सिंह ने ट्वीट किया, `छोटा राजन को सफलतापूर्वक भारत निर्वासित कर दिया गया। बाली एयरपोर्ट बंद रहने की वजह से हुई देरी समाप्त हुई।
दरअसल, बाली के पास एक ज्वालामुखी विस्फोट से निकली राख की वजह से वहां अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर परिचालन बंद था, जिसकी वजह से राजन का निर्वासन टल गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजेंद्र सदाशिव निकाल्जे उर्फ छोटा राजन पिछले काफी दिनों ऑस्ट्रेलिया में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था, लेकिन दुश्मरों के डर से वह बाली भाग गया, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। महाराष्ट्र सरकार ने छोटा राजन से जुड़े सभी मामले सीबीआई को सौंप दिए हैं। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कई देशों से जुड़े अपराधों से निपटने में विशेषज्ञता के कारण सीबीआई को मामले सौंपे जा रहे हैं।इससे पहले मुंबई पुलिस राजन से पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन राजन के आरोपों के बाद उसे उनके सुपुर्द किए जाने की संभावना कम ही रह गई थी।  राजन ने कहा था कि मुंबई पुलिस ने उस पर बहुत अन्याय किया है और पुलिस के कुछ लोग अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से मिले हुए हैं। मुंबई पुलिस ने
 

 
 












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