बेल्ज़ियम पुलिस ने की नाकाबंदी, आतंकियों की शिद्दत से तलाश
Posted on: Sunday 22 November 2015  

बेल्जियम पुलिस ने मुल्क की चारों तरफ से नाकेबंदी कर दी है। चरमपंथियों की शिद्दत से तलाश जारी है। गृहमंत्री जान जामबोन के मुताबिक़ मौजूदा ख़तरा पेरिस हमलों में वांछित संदिग्ध चरमपंथी सालेह अब्दुस सलाम से बड़ा ख़तरा है.सालेह अब्दुस सलाम को पकड़ने के लिए बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स की सड़कों पर सैनिकों की भारी तैनाती की गई है.मेट्रो सेवाएं स्थगित हैं और नागरिकों को घर में ही रहने की सलाह दी गई है.अब्दुस सलाम के दोस्तों को कहना है कि वह अभी ब्रसेल्स में हैं और जल्द ही सीरिया जाने की कोशिश में है. एक व्यक्ति जिसने कार में अब्दुस सलाम को बेल्जियम पहुंचाया था, ने अपने वकील को बताया कि अब्दुस सलाम एक ``बड़ा जैकेट`` पहने हुए थे और शायद वह एक आत्मघाती बेल्ट पहने हुए थे.तो दूसरी ओर तुर्की में अंतालिया के एक लक्ज़री होटल से तीन संदिग्ध चरमपंथियों को पकड़ा गया है. ये जानकारी तुर्की के अधिकारियों ने बीबीसी को दी है. 26 साल के मोरक्को मूल के बेल्जियन निवासी, अहमद दहमानी के साथ अन्य दो और लोगों को पकड़ा गया है.अधिकारियों का कहना है कि इन संदिग्धों का संबंध उन चरमपंथियों से है जिन्होंने पेरिस में हमले को अंजाम दिया. अब तक पेरिस हमले के संबंध में बेल्जियन अधिकारियों ने तीन लोगों पर आरोप लगाए हैं. ये तीनों इस्लामी गुट इस्लामिक स्टेट से जुड़े हुए हैं. फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पेरिस हमलों को 9 चरमपंथियों ने अंजाम दिया था जिसमें से 7 शुक्रवार की रात को मारे गए थे.  यह संभव है कि सालेह अब्दुस सलाम और एक अन्य चरमपंथी अभी भी पुलिस की पकड़ में न आए हों. वकील कैरीन कौक्यूले ने बेल्जियन टीवी से बताया कि हो सकता है कि अब्दुस सलाम पेरिस में ख़ुद को उड़ाने की तैयारी में था लेकिन कुछ और सोच कर पीछे हट गया. अब्दुस सलाम के दोस्तों ने एबीसी न्यूज़ को बताया कि उन्होंने स्काईप पर अब्दुस सलाम से बात की है. उनका कहना है कि अब्दुस सलाम ब्रसेल्स में छिपा हुए हैं और किसी तरह से सीरिया जाना चाहते हैं. एक तरफ़ यूरोप में अधिकारी अब्दुस सलाम को तलाश रहे हैं तो दूसरी ओर इस्लामिक स्टेट के सदस्य उसे खोज रहे हैं. आईएस नाख़ुश है कि उसने अपने आत्मघाती बेल्ट से ख़ुद को उड़ाया नहीं. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पेरिस में हुए हमलों के बाद इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ हमले ``दोगुने`` करने संबंधी प्रस्ताव (रिज़ोल्यूशन) पारित किया था. पेरिस हमलों को 2004 के मैड्रिड बम धमाकों के बाद यूरोप में सबसे घातक हमला माना गया है. इसमें 129 लोगों की मौत हो गई थी और सैंकड़ो लोग घायल हुए.

 
 












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