इंद्र वशिष्ठ,
एनआईए ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी तथा प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और उसके मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के प्रमुख एवं संस्थापक हाफिज़ सईद को पूरक आरोप पत्र में आरोपी बनाया है।
एनआईए ने जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में हाफिज़ सईद पर व्यक्तिगत हैसियत के साथ-साथ प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके सक्रिय मुखौटा/छद्म संगठन टीआरएफ के प्रमुख के रूप में भी आरोप लगाए हैं।
आरोपपत्र में हाफिज़ सईद पर भारतीय न्याय संहिता तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और पाकिस्तान से भारत विरोधी साजिश रचने से संबंधित धाराएं भी लगाई हैं।
यह पूरक आरोपपत्र पहले दायर किए गए 1,597 पृष्ठों के मूल आरोपपत्र का विस्तार है। इसमें पाकिस्तान की साजिश, हाफिज़ सईद की भूमिका तथा एनआईए द्वारा वैज्ञानिक जांच और घटनास्थल पर की गई विस्तृत पड़ताल से जुटाए गए साक्ष्यों का विवरण दिया गया है।
इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को दायर मूल आरोपपत्र में एनआईए ने पाकिस्तानी हैंडलर आतंकी साजिद जट्ट को आरोपी बनाया था। इसके अलावा ऑपरेशन महादेव के दौरान जुलाई 2025 में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए तीन आतंकियों, दो गिरफ्तार आरोपियों तथा प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ को भी आरोपित किया गया था। एनआईए के अनुसार, इन सभी की पहलगाम हमले की योजना बनाने, सुविधा देने और अंजाम देने में भूमिका थी।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर चुनकर लोगों की हत्या की थी। इस हमले में 25 निर्दोष पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की जान गई थी।